कुचले हुए घास के पत्ते (trampled grass blades)

घास के पत्तों को कुचले जाने की आदत है मेरी खवाइशों की भी कुछ कुछ ऐसी ही आदत है औस की बूँदों ने हर बार सम्भाला है ख़्वाहिशों की मौत को कई बार टाला है ज़मीन से जुड़ा हूँ मैंने कहाँ जाना है कुचलते कदम गुज़ार जाएँगे मेरा तो यहीं ठिकाना है किसकी जुस्तजू हैContinue reading “कुचले हुए घास के पत्ते (trampled grass blades)”

Who does it belong to (कौन है मालिक)

ड्रॉइंग रूम में सजी हर चीज़ जो किसी कारीगर की नायाब कारीगरी थी जिसे मजबूर हो कर बेचा गया था जो कभी दुकान के कोने में धूल से लथपथ अपने गले में अपनी क़ीमत लटकाए बेज़ुबान पड़े थे आज मेरे घर की रौनक़ है मोल दिया है अब वो सब मेरे हैं शायद ये एहसासContinue reading “Who does it belong to (कौन है मालिक)”

My own ink

Life passes in a blink Living it always on the brink Take a pause and think script life with your own ink This poem in 22 words is in response and inspired by the prompt word ‘ink’ https://sammiscribbles.wordpress.com/2021/06/26/weekend-writing-prompt-215-ink/ Do read other wonderful expressions of ‘Ink’ wrapped in 22 words. Do share your comments. Share yourContinue reading “My own ink”

Shayad

कुछ लिख देता हूंयूं हीअपने सच्चे झूठे अल्फ़ाज़बस यूं ही तुम्हें पसंद आयातो लगा शायदअच्छा होगा तुमने मानातो लगाशायदसच्चा होगा किसको फर्ककिसको परवाहक्या सचऔर किसका सच पर ये तो सच हैकी एक एहसास जो मेरा थाअब हमारा है इसी सच परयकीन हैइसी भरोसे परये नई मोहिम है कुछ और लिख रहा हूंये सोच करतुम्हे पसंदContinue reading “Shayad”

Phir ek baar

फिर वही दिनजीना चाहता हूंफिर वही राहों सेगुजरना चाहता हूं हर उस पल को महसूस करना चाहता हूंजैसा था, जैसा हुआबस वैसा ही रखना चाहता हूं हर खुशी और गम के लम्हों कोफिर एक बार चखना चाहता हूं कुछ छोटेकुछ लंबेकदमों के निशान परफिर चलना चाहता हूं कुछ बदलने की ख्वाइश नहींकोई शिकवा कोई शिकायतContinue reading “Phir ek baar”

Warm winter sun

Warm winter sunmild and shymeekly easing outhaze obscuring the morning sky lights up the grassy meadowsenlivens the treeswarms the dew dropon the grass and the leaves golden drop is shared equal and fairrich and pooreach get their share patiently attending to allalive and deadall those who are awakeand those in bed All obligations metit comesContinue reading “Warm winter sun”