लंबी ड्राइव

चलो एक लंबी ड्राइव पे चलेंरास्ते और मंजिल से बेफ़िकर एक बार बिना किसी मतलब के चलें कुछ दूर चल कर तुम सुकून की तरफ मोड़ लेना मन करे तो वो अपना पुराना गाना भी लगा लेना आज हर बात की छूट है हाँ तुम गुनगुना भी सकते हो अपनी ही तो गाड़ी है सुरोंContinue reading “लंबी ड्राइव”

सोई धूप

वो आई धूप बंद खिड़कियों के शीशों से कमरे कि देहलीज़ लांघ कर वो लाई धूप उस दूर जलती आग कि आंच हथेली में बचा कर किरनों की गुस्ताख हाथों ने चुपके से मला वो आलसी गर्माहट मेरे गालों पर दूर से आई आंच मेरे पल का हिस्सा बन गई कुछ कहा नहीं पर कुछContinue reading “सोई धूप”

नयी सुबह

कुछ खो सा गया हैऐसा एहसास है।क्या कोई चमन थाजो खो गया है? खून की बारिशकुछ थम सी गई है,खुला आसमानकुछ नया सा लगता है। खौफ का आलमकुछ ऐसा था कि,इस खामोश अमनकी आदत नहीं थी। हालात बदलेंगेशक इस बात का हर वक़्त रहा,अपनी खुश नसीबी काअर्से से एतबार नहीं है। इतना झूट से रिश्तागहराContinue reading “नयी सुबह”

माँ कि सालगिरह

सुबह बात हुईसालगिरह की बधाई दीखूब साथ हसेदूर होते हुए भीनजदीक होने का एहसास हुआआप का ही अंश हूंये एहसास हुआमेरे होने से पहलेमैं आपमे मौजूद थाये भी एहसास हुआजब में हंसता हूंमां के होंट भीमुस्कराते होंगेजब में दुखी होता हूंतो वो आंखें भीभीग जाती होंगीदूरियों का क्या हैएहसास से तोहम पास पास हैंतो आजContinue reading “माँ कि सालगिरह”