Shakti hoon, Saksham hoon

मैं कौन हूँजानती हूँकिसी नाम से सीमित नहीं क्या चाहती हूँजानती हूँकिसी सहारे की ज़रूरत नहीं किसकी तलाश हैजानती हूँमें अपने आप में पूरी हूँ, ये मानती हूँ देवी हूँ, पूजा होती है मेरीजानती हूँपर बस औरत रहना चाहती हूँ मेरी फ़िक्र है तुम्हेंमैं जानती हूँपर अपना ख़्याल खुद रखना जानती हूँ शक्ति हूँसक्षम हूँऔरतContinue reading “Shakti hoon, Saksham hoon”

I am the dusk

I am the duskthen it will be darkfiery ball coolsweary of the scorching daysliding down rapidlypulling the rays downpausing briefly at the rimJust for one last look at its creationbefore it is nightlast stroke of golden brushpaints the sky crimsonI am the duskslowly turning darklast rays lingers on my wingswarming it up, keeping it aliveitContinue reading “I am the dusk”