यादों का खजाना

हर दिन का हिसाब हैबुने नए कई ख्वाब हैंकुछ रह गए खयालों में कुछ हकीकत कि मिसाल हैँ । ख्वाबों से जिंदगी चुराई है दिल भर कर जिया है।हर लम्हा अनमोल था यादों में कैद किया है। यादों की चुस्की लेकरफिर उन दिनों का मज़ा लेंगेख्वाबों का क्या हैफिर हिसाब लगा लेंगे

जिंदगी एक ख्वाब

मैं तो इक ख्वाब कि तलाश मेंघूमता रहाजब जाना कि यही ख्वाब हैफिर नींद नहीं आयी

आज फिर से

आज क्यूँ ऐसा लगा तुमसे दोस्ती कर लें…. …. जान पहचान हुए अर्सा हो गया यह चेहरा कुछ अपना सा लगा… … आँखों में आंखें डाले अर्सा हो गया हाथ थामा है अब तो गर्माहट का अह्सास हुआ… … ठंड में नर्म धूप का लुफ्त लिए अर्सा हो गया आज जब बैठे तो सदियों केContinue reading “आज फिर से”

चलो नई कहानी लिखें

अपनी स्याही अपने किरदार एक कहानी हो गयी एक से मोहबत और एक से नफरत क्या कहानी हो गयी नाम किरदार का याद रहा अपनी पहचान भूल गए कहानी, एक सच्चाई हो गयी किरदारों से वाह वाह ये अब कैसी उम्मीद है अजब बेबसी हो गयी नए रंग की दवात ली है नए रंगों सेContinue reading “चलो नई कहानी लिखें”

हज़ारों ख्वाहिशें

इतवार तो कैलेंडर पे लिखा शब्द है उसका इतना इंतज़ार क्यूँ हफ्ता पड़ा है जीने को आज से इतनी मायूसी क्यूँ शायद फुर्सत का इंतज़ार है पर किस बात से फुर्सत? इसकी मालुमात नहीं क्या पता किस आराम कि ख्वाहिश है और किस आराम से आज कल अछे तालुकात नहीं कभी सोने कि कोशिश मेंContinue reading “हज़ारों ख्वाहिशें”