वक्त है, गुज़र जाएगा

लो आगया छुट्टी का दिनलगता दूर था महीने पहलेजैसे कभी नहीं मिलेंगे इस दिन से, कई दिनों तककई अरमान बुने थेये करेंगेउनसे मिलेंगेदेर तक बातें करेंगेपर ये समय है कि मानता नहींरेंगता, कभी भागताबस चलता रहता हैकुछ पल लगाथोडा और जी लेंकुछ पल को, थोड़ा रोक लेंऐसी उम्मीद, उम्मीद ही रह गईकुछ अरमान पूरे हुएकुछContinue reading “वक्त है, गुज़र जाएगा”

दीवार पे तस्वीर

दीवारों पे टंगी तस्वीर नेबेजुबान कई कहानियांअतीत की आवाज़ चुरा करआज मुझे सुनाया है कैद कर वो लम्हातस्वीरों के बेजान पन्नों परफिर आज जैसेवही एहसास लौट आया है नज़र धुंधला गई हैआंखे नम हो गई हैतस्वीर वहीं दीवार पे थम गई हैपर अरमानों ने उड़ान भर ली है समय की सूइयों कोमोड़ने का ख्याल आयाContinue reading “दीवार पे तस्वीर”