Udaan

ऊँचायीयों से डर लगता है गिरने का खौफ है उड़ने का हुनर, सीखा नहीं गिरने का शोक है क्या फ़रक है कौनसा सही एक उभरता है एक ढलता है दोनों सिरों में डोर तो एक है एक पाने में जुटा है एक खोने में खुश है

My heart needs a bath

I need a bathSoap and frothSpray of waterA scrub and wash Body wearyFull of grimeHeart ladenWith hate and crime Some I likeOthers I hateCage of destinyBind of fate Happy momentsBrings a smileSad ones followAfter a short while Full of anguishString of regretsMissed opportunitiesAnd some lost bets I carry the burdenMemories from the startFurrows on theContinue reading “My heart needs a bath”

कुचले हुए घास के पत्ते (trampled grass blades)

घास के पत्तों को कुचले जाने की आदत है मेरी खवाइशों की भी कुछ कुछ ऐसी ही आदत है औस की बूँदों ने हर बार सम्भाला है ख़्वाहिशों की मौत को कई बार टाला है ज़मीन से जुड़ा हूँ मैंने कहाँ जाना है कुचलते कदम गुज़ार जाएँगे मेरा तो यहीं ठिकाना है किसकी जुस्तजू हैContinue reading “कुचले हुए घास के पत्ते (trampled grass blades)”

ग़लत फ़हमी

ड्रॉइंग रूम में सजी मूरतजो किसी कारीगर कीनायाब कारीगरी थीजिसे मजबूर हो करबेचा था उसनेआज वो मेरी है धूल से लथपथअपने गले परअपनी क़ीमत लटकाएजो कभी दुकान के कोने मेंबेज़ुबान पड़ी थीआज वो मेरी है मोल देकर ख़रीदा हैमालिक बदल गया हैना पूछा इस बेज़ुबान सेना ज़रूरत समझीकिसी और की ज़िंदगी का हिस्सा थीआज वोContinue reading “ग़लत फ़हमी”

Who does it belong to (कौन है मालिक)

ड्रॉइंग रूम में सजी हर चीज़ जो किसी कारीगर की नायाब कारीगरी थी जिसे मजबूर हो कर बेचा गया था जो कभी दुकान के कोने में धूल से लथपथ अपने गले में अपनी क़ीमत लटकाए बेज़ुबान पड़े थे आज मेरे घर की रौनक़ है मोल दिया है अब वो सब मेरे हैं शायद ये एहसासContinue reading “Who does it belong to (कौन है मालिक)”

I still don’t win

It’s cold and windy My body lays bare The nature pitted against me It’s not even fair I close my eyes And I am still The wind passes me by I feel no chill In this battle with nature I still don’t win Because it’s not out there It’s there within