Aaj bhi vaisa hi

इन उँगलियों पे लिपटी वो हसरत भरे नरम हाथ मासूम नज़रों से ताकती वो नज़र और वो एहसास आज भी वैसे ही है दौड़ के सीने से लगना खुश हो कर कंधो पर झूल जाना हर आप बीती बयान करना वो चुलबुली सी बातें आज भी वैसे ही हैं उस शरारती कोने में छिपा हुआContinue reading “Aaj bhi vaisa hi”

आज फिर से

आज क्यूँ ऐसा लगा तुमसे दोस्ती कर लें…. …. जान पहचान हुए अर्सा हो गया यह चेहरा कुछ अपना सा लगा… … आँखों में आंखें डाले अर्सा हो गया हाथ थामा है अब तो गर्माहट का अह्सास हुआ… … ठंड में नर्म धूप का लुफ्त लिए अर्सा हो गया आज जब बैठे तो सदियों केContinue reading “आज फिर से”

Inheritance

The rubber tried to hold on to the tar, but it was a losing battle. The speed was too high and time too less. Umesh was distracted by the message on the mobile as he executed the turn on the hilly serpentine road to Manali. Swathi slept peacefully as many events crowded into the lastContinue reading “Inheritance”