Amma ka phone aaya

अम्मा का फ़ोन आयाहाल चाल पूछामौसम का हाल भी समझाफिर कुछ और कहना चाहातो हमने कहाआज थोड़ा व्यस्त हूँकल काल करूँगा अम्मा चुप हो गयीकहते कहते रुक गयीऐसा हर बार सुना थापर इस व्यस्त होने का तर्कउनको कुछ विपरीत सा लगाकई सवाल मन में उठेकल और आज में फ़रकबहुत गहरा नज़र आया बेटा, ये कैसाContinue reading “Amma ka phone aaya”

वक्त है, गुज़र जाएगा

लो आगया छुट्टी का दिनलगता दूर था महीने पहलेजैसे कभी नहीं मिलेंगे इस दिन से, कई दिनों तककई अरमान बुने थेये करेंगेउनसे मिलेंगेदेर तक बातें करेंगेपर ये समय है कि मानता नहींरेंगता, कभी भागताबस चलता रहता हैकुछ पल लगाथोडा और जी लेंकुछ पल को, थोड़ा रोक लेंऐसी उम्मीद, उम्मीद ही रह गईकुछ अरमान पूरे हुएकुछContinue reading “वक्त है, गुज़र जाएगा”